lata mangeshkar: lata mangeshkar sang 2 songs for the first time in the studio for radio: 80 saal pehle lata mangeshkar ne radio ke liye studio me record kiya tha gaana


सुर साम्राज्ञी, स्वरकोकिला और न जाने कितने सम्मानित शब्दों से नवाज़ी जाने वाली दिग्गज सिंगर लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का पूरा जीवन संगीत के इर्द-गिर्द बीता है। वो आज ही का दिन है, जब उन्होंने 80 साल पहले पहली बार रेडियो के लिए स्टूडियों में गाना गाया था। उन्होंने एक लंबा सफर तय किया है और अपने इस यादगार सफर में उन्होंने न सिर्फ हजारों गाने गाए हैं, बल्कि लोगों का असीम प्यार भी पाया है। इस खास पल को उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस के साथ साझा किया है।

लता मंगेशकर ने अपनी बचपन की फोटो ट्वीट करते हुए कैप्शन में लिखा, ’16 दिसंबर 1941 को ईश्वर का, पूज्य माई और बाबा का आशीर्वाद लेकर मैंने रेडियो के लिए पहली बार स्टूडियो में 2 गीत गाए थे। आज इस बात को 80 साल पूरे हो रहे हैं। इन 80 सालों में मुझे जनता का असीम प्यार और आशीर्वाद मिला है। मुझे विश्वास है कि आपका प्यार, आशीर्वाद मुझे हमेशा यूंही मिलता रहेगा।’

लता जी के पोस्ट पर फैंस के रिएक्शन
लता मंगेशकर के इस ट्वीट पर फैंस के कॉमेंट की भरमार है। एक यूजर ने लिखा- ‘आपके कंठ में मां सरस्वती का वास है। आपके जैसी गायिका पूरे संसार में न पहले कभी हुई न भविष्य में कभी होगी। लता दीदी आप हिंदुस्तान का अनमोल कोहिनूर का हीरा हो। भगवान आपको लंबी उम्र और अच्छा स्वास्थ्य दें। करोड़ों हिंदुस्तानी आपकी दिल से इज्जत करते हैं।’ देखिए अन्य फैंस के ट्वीट:

36 से ज्यादा भाषाओं में गा चुकी हैं गाना

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लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को हुआ था। वो हिंदी सिनेमा और भारत की बहुत सम्मानित प्लेबैक सिंगर मानी जाती हैं। उन्होंने हिंदी और मराठी के अलावा करीब 36 से ज्यादा भारतीय भाषाओं और विदेशी भाषाओं में गाने गाए हैं। वे हजारों बॉलिवुड फिल्मों में अपनी आवाज दे चुकी हैं।

साल 2015 में आखिरी बार गाया था गाना

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लता मंगेशकर ने अपने पिता से संगीत की शिक्षा-दीक्षा सीखी है। महज पांच साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता के म्यूजिकल प्ले (संगीत नाटक इन मराठी) में बतौर ऐक्ट्रेस काम करना शुरू कर दिया था। उन्होंने अपने स्कूल के पहले दिन ही स्कूल छोड़ दिया था, क्योंकि उन्हें अपनी बहन आशा को साथ ले जाने की अनुमति नहीं मिली थी। बताया जाता है कि वो अक्सर अपनी छोटी बहन को अपने साथ स्कूल लेकर जाती थीं।

13 साल की उम्र में पिता का हो गया था निधन
साल 1942 में, जब लता 13 साल की थीं, तब उनके पिता का हार्ट अटैक से निधन हो गया था। इसके बाद मंगेशकर फैमिली के करीबी दोस्त मास्टर विनायक ने पूरे परिवार का पूरा ध्यान रखा। उन्होंने बतौर सिंगर और ऐक्ट्रेस लता जी का करियर शुरू होने में काफी मदद की थी।
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भारत रत्न से किया गया सम्मानित
लता जी को दादासाहब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। यही नहीं, देश के लिए उनके योगदान को देखते हुए साल 2001 में उन्हें भारत रत्न से भी नवाजा गया। वे तीन बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीत चुकी हैं।

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